Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
गठिया में इस फल का जूस दूर करेगा सूजन और दरà¥à¤¦ से मिलेगी राहत
Arthritis Home Remedy गठिया से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शिकायत जोड़ों में दरà¥à¤¦ होती है जो अकà¥à¤¸à¤° लगातार होता है। जोड़ों में यह दरà¥à¤¦ और सूजन समय के साथ गतिशीलता को ख़तरा पैदा कर सकता है। गठिया उपचार लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत और संयà¥à¤•à¥à¤¤ कारà¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है।
Arthritis Home Remedy: हाल ही में आई रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, गठिया à¤à¤¾à¤°à¤¤ में 180 मिलियन से अधिक लोगों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, à¤à¤¡à¥à¤¸ और कैंसर जैसी कई बड़ी बीमारियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कहीं ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। लगà¤à¤— 14 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ आबादी जोड़ों से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ इस रोग के लिठहर साल डॉकà¥à¤Ÿà¤° की मदद लेती है। जोड़ों के इस रोग (जोड़ों की सूजन) में जोड़ के आसपास होने वाली सूजन के कारण दरà¥à¤¦ होता है, रोज़ाना जोड़ों के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² या बीमारी के कारण जोड़ घायल हो जाते हैं, थकान और मांसपेशियों में खिंचाव होता है।
गठिया कई तरह के होते हैं
ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸: यह अकà¥à¤¸à¤° उमà¥à¤° बढ़ने या चोट से संबंधित होता है।
रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ गठिया: यह गठिया का सबसे आम रूप है।
किशोर रà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥€à¤‡à¤¡ गठिया: यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाली बीमारी का à¤à¤• रूप है।
संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• गठिया: यह à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो शरीर के दूसरे हिसà¥à¤¸à¥‡ से जोड़ तक फैल गया है।
Besan Benefits: बेसन खाने के ये हैं फायदे
Besan Benefits: सेहत का खजाना है बेसन, ये 6 फायदे जान हो जाà¤à¤‚गे हैरान!
गाउट: यह जोड़ों की सूजन है।
गठिया से पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की पà¥à¤°à¤®à¥à¤– शिकायत जोड़ों में दरà¥à¤¦ होती है, जो अकà¥à¤¸à¤° लगातार होता है। जोड़ों में यह दरà¥à¤¦ और सूजन समय के साथ गतिशीलता को ख़तरा पैदा कर सकता है। गठिया उपचार लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत और संयà¥à¤•à¥à¤¤ कारà¥à¤¯ में सà¥à¤§à¤¾à¤° पर केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है।
घरेलू उपाय जिसका कोई साइड-इफेकà¥à¤Ÿ नहीं
à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क है, जिसे आप घर पर à¤à¥€ बना सकते हैं, जिससे आपको ओसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹-अरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और रूमेटाइड गठिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥‡à¤¸.को.यूके की रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, कई शोध में लगातार देखा गया है कि लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में बदलाव से गठिया के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को कम किया जा सकता है। यानी सही डाइट का इसमें अहम रोल हो सकता है। à¤à¤• फल के जूस को गठिया में काफी फायदेमंद माना जा रहा है। शोध में à¤à¥€ इसके सेवन से सूजन में आराम देखा गया है।
अननà¥à¤¨à¤¾à¤¸- खटà¥à¤Ÿà¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाला यह फल जो विटामिन-सी और à¤à¤‚ज़ाइम बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ का à¤à¤• अदà¥à¤à¥à¤¤ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है - रूमेटोइड गठिया में दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करने का काम कर सकता है। यूà¤à¤¸ डिपारà¥à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट ऑफ हेलà¥à¤¥ à¤à¤‚ड हà¥à¤¯à¥‚मन साइंस के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ अनानास के पौधे के फल और तने में पाठजाने वाले à¤à¤‚जाइमों का à¤à¤• समूह है। अनानास, पाचन विकार जैसी कई तरह की बीमारियों के लिठइलाज के तौर पर खाया जाता है।
अमेरिकी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अधिकारियों का कहना है कि अनानास में बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ न केवल दरà¥à¤¦ और सूजन को कम करने के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है, बलà¥à¤•ि नाक और साइनस, मसूड़ों और शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों की सरà¥à¤œà¤°à¥€ या फिर चोट के बाद à¤à¥€ उपयोगी साबित होता है। यह ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤†à¤°à¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, कैंसर, पाचन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं और मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• साबित होता है। साथ ही बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ जलने पर à¤à¥€ राहत देने का काम करता है।
इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
-à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उन लोगों में हो सकती है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनानास से या किसी तरह की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हैं।
-इस बारे में बहà¥à¤¤ कम जानकारी है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान या सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ का उपयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है या नहीं।
- बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ कà¥à¤› दवाओं के साथ रिà¤à¤•à¥à¤Ÿ कर सकता है, जैसे कि à¤à¤‚टीबायोटिक à¤à¤®à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¸à¤¿à¤²à¤¿à¤¨à¥¤ अगर आप दवाà¤à¤‚ लेते हैं, तो बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¥ˆà¤¨ लेने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से ज़रूर सलाह लें।
आरà¥à¤¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ को मैनेज करने के लिठलाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में करें ये बदलाव
हेलà¥à¤¦à¥€ वज़न बनाठरखने के लिठपोषण से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खाना खाà¤à¤‚। मौसमी सबà¥à¤œà¤¼à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और फलों को ज़रूर खाà¤à¤‚। अगर आपका वज़न ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है, तो आपके जोड़ों को ही इसका à¤à¤¾à¤° सहना पड़ता है, जैसे कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, टखनों और पैरों के कारण दरà¥à¤¦ और गतिशीलता संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बढ़ जाती हैं।
| --------------------------- | --------------------------- |